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अकाउंटिंग वाउचर मे एंट्री बनाने से संबंधित जरूरी बातें
Important things about Recording Entry in Accounting Vouchers
- जब हम कोई एंट्री टैली मे बनाते हैं तो सबसे पहले उस एंट्री से संबंधित लेजर्स क्रीऐट करने होते हैं नीचे के प्रश्न में जिस भी एंट्री को बनाना बताया गया है, उस एंट्री से संबंधित कौन-कौन से लेजर बनेंगे तथा किसके अन्डर जाएंगे यह भी बताया गया है। उदाहरण के लिए SBI A/c > Bank Account, यहाँ SBI A/c लेजर का नाम है और Bank Account ग्रुप का नाम है। Cash का लेजर पहले से क्रीऐट होता है, इसे बनाने की आवश्यकता नहीं होती है यदि कंपनी एक से अधिक Cash अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करती है।
- जो भी लेजर एक बार क्रीऐट कर लिया जाता है, उसे दोबारा क्रीऐट करने की आवश्यकता नहीं होती है।
- जब भी हम टैली मे एंट्री बनाते हैं तो सबसे पहले डेट/तारीख (Date) इंटर करनी होती है। अलग-अलग डेट मे एंट्री बनाने के लिए F2 प्रेस करके डेट चेंज कर सकते हैं।
- Payment, Receipt और Contra वाउचर को सिंगल या डबल एंट्री मोड मे बदलने के लिए Ctrl+H कुंजी का इस्तेमाल करेंगे। सिंगल/डबल एंट्री मोड क्या है
- एंट्री बनाते वक्त To, By की जगह Cr, Dr लाने के लिए F12 (Configuration Setting) प्रेस करेंगे और Use Cr/Dr instead of To/By विकल्प को Yes करें।